आर्टेमिस: शिकार से नृत्य तक
स्तुति 27 देवी को पहाड़ों से अपोलो के घर ले जाती है।
अन्य नाम: आर्टेमिस · Artemis

केवल शिकार की देवी नहीं
कविता की शुरुआत पहाड़ों में आर्टेमिस के शिकार से होती है। फिर वे डेल्फ़ी पहुँचती हैं, हथियार रखती हैं और म्यूज़ तथा ग्रेसेज़ के साथ नृत्य का नेतृत्व करती हैं। दोनों भाग पढ़ने से कविता का स्वरूप स्पष्ट होता है।
अंतिम पंक्तियाँ आर्टेमिस और अपोलो को ज़्यूस तथा लेटो की संतान कहती हैं। यह संबंध इसी स्तुति से लिया गया है। चित्र का चाँद कलात्मक प्रतीक है, इस कविता से सिद्ध विवरण नहीं।
कथन और प्रमाण
होमेरिक स्तुति 27 शिकार से डेल्फ़ी के नृत्य की ओर बढ़ती है।
स्रोत
- Homeric Hymns — Hugh G. Evelyn-White translation
स्तुति XXII पोसाइडन, XXVII आर्टेमिस, XXVIII एथेना के लिए; हर स्तुति अलग पढ़ें।
स्रोत देखा गया: 2026-10-28


